106538: क्या एतिकाफ करनेवाले के लिए मुसलमानों की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए टेलीफोन से बात-चीत करना जायज़ है?


क्या एतिकाफ करनेवाले के लिए मुसलमानों की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए टेलीफोन से बात-चीत करना जायज़ है?

उत्तर: जी हाँ, मुसलमानों की कुछ आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एतिकाफ करने वाले के लिए टेलीफोन से बात चीत करना जायज़ है, इस शर्त के साथ कि वह टेलीफोन उसी मस्जिद में हो जिसमें वह एतिकाफ किए हुए है, इसलिए कि ऐसी अवस्था में उसे मस्जिद से बाहर नहीं निकलना होगा। किन्तु यदि वह मस्जिद के बाहर हो तो वह उसके लिए मस्जिद के बाहर नहीं निकलेगा। रही बात मुसलमानों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने की, तो यदि वह व्यक्ति उससे संबंधित (ज़िम्मेदार) है तो वह एतिकाफ न करे ; क्योंकि मुसलमानों की आवश्यकताओं की पूर्ति करना एतिकाफ से अधिक महत्वपूर्ण है, इसलिए कि उसका लाभ दूसरों को भी पहुँचता है और जो चीज़ बहुउपयोगी हो, वह उस चीज़ से श्रेष्ठ और बेहतर है जिसका लाभ सीमित हो, सिवाय इसके कि सीमित लाभ वाली चीज़ इस्लाम के महत्वपूर्ण और अनिवार्य कामों में से हो।''

फज़ीलतुश्शैख मुहम्मद बिन उसैमीन रहिमहुल्लाह

''रिसालह अहकामुस्सियाम व फतावा अल-एतिकाफ़'' (पृष्ठ: 35)
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