Thu 17 Jm2 1435 - 17 April 2014
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उसने उल्टी की फिर बिना इच्छा के अपनी उल्टी को निगल गया तो क्या उसका रोज़ा व्यर्थ हो गयाॽ

एक रोज़ेदार ने उल्टी की फिर अपनी उल्टी का कुछ हिस्सा बिन इच्छा के निगल लिया तो उसका क्या हुक्म है ॽ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

यदि रोज़ेदार ने जानबूझ कर उल्टी की है तो उसका रोज़ा फासिद (व्यर्थ) हो गया, और यदि उल्टी उसके ऊपर गालिब आ गई है तो उसका रोज़ा खराब नहीं होगा, इसी तरह उसके निगलने से भी उसका रोज़ा खराब नहीं होगा जबकि उसने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया है।

और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला है, तथा अल्लाह तआला हमारे नबी मुहम्मद, उनकी संतान और साथियों पर दया और शांति अवतरित करे।

इफ्ता और वैज्ञाननिक अनुसंधान की स्थायी समिति 10 / 254
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