12687: रोज़े की हालत में वह नकसीर से पीड़ित हो गया


जब रोज़ेदार की नाक से खून बहने लगे तो उसका क्या हुक्म है ॽ क्योंकि मैं इस से पीड़ित हो गया हूँ।

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

अगर मामला ऐसे ही है जैसाकि आप ने उल्लेख किया है तो आपका रोज़ा सही है, क्योंकि आपका नकसीर से पीड़ित होना आपकी इच्छा के बिना हुआ है इसलिए उसके पाए जाने से आपके ऊपर रोज़ा टूटने का हुक्म निष्कर्षित नहीं होगा, इस बात का तर्क शरीअत की आसानी के प्रमाणों से निकलता है, जिनमें से एक अल्लाह तआला का यह फरमान है :

﴿لا يُكَلِّفُ اللَّهُ نَفْساً إِلاَّ وُسْعَهَا﴾ [البقرة : 286]

“अल्लाह तआला किसी प्राणी पर उसकी शक्ति से अधिक भार नहीं डालता।” (सूरतुल बक़रा : 286).

तथा अल्लाह तआला का यह फरमान भी है :

﴿ ما يريد الله ليجعل عليكم من حرج ﴾  [سورة المائدة : 6]

“ अल्लाह तुम्हारे ऊपर कोई तंगी डालना नहीं चाहता है।” (सूरतुल माइदा : 6).

और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला है, तथा अल्लाह तआला हमारे नबी मुहम्मद, उनकी संतान और साथियों पर दया और शांति अवतरित करे।

इफ्ता और वैज्ञाननिक अनुसंधान की स्थायी समिति 10 / 264
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