163022:  एक औरत पति, माँ, पिता, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ कर गर गयी


यदि एक औरत एक बेटा, एक बेटी, माँ, पिता, पति तथा पति की माँ और पति के पिता को छोड़ कर गर गयी तो वरासत को कैसे विभाजित किया जायेगा ॽ
इसी प्रकार यदि आदमी अपने पीछे एक बेटा, एक बेटी, पिता, माँ, पत्नी तथा पत्नी की माँ और पत्नी के पिता को छोड़ कर गर गया तो वरासत को कैसे विभजित किया जायेगा ॽ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

सर्व प्रथम :

अगर कोई औरत एक बेटा, एक बेटी, माँ, बाप, पति, पति की माँ और पति के बाप को छोड़ कर मर जाए, तो उसके छोड़े हुए धन (वरासत) को निम्न प्रकार विभाजित किया जायेगा :

पिता के लिए : छठा हिस्सा, तथा माँ के लिए: छठा हिस्सा ; क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है :

﴿ وَلِأَبَوَيْهِ لِكُلِّ وَاحِدٍ مِنْهُمَا السُّدُسُ مِمَّا تَرَكَ إِنْ كَانَ لَهُ وَلَدٌ ﴾ [النساء : 11] .

“तथा उसके माता पिता के लिए उन में से प्रत्येक के लिए छठा हिस्सा है उसकी छोड़ी हुई संपत्ति में से यदि उसकी कोई औलाद है।” (सूरतुन्निसा : 11)

तथा पति के लिए : चौथाई हिस्सा है ; क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है :

﴿ فَإِنْ كَانَ لَهُنَّ وَلَدٌ فَلَكُمُ الرُّبُعُ مِمَّا تَرَكْنَ ﴾ [النساء : 12] .

“यदि उनकी कोई औलाद है तो तुम्हारे लिए उनकी छोड़ी हुई संपत्ति में से चौथाई हिस्सा है।” (सूरतुन्निसा : 12)

तथा बेटे और बेटी के लिए शेष बचा हुआ मीरास है ; बेटे के लिए दो बेटियों के बराबर हिस्सा है ; क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है :

﴿ يُوصِيكُمُ اللَّهُ فِي أَوْلَادِكُمْ لِلذَّكَرِ مِثْلُ حَظِّ الْأُنْثَيَيْنِ ﴾ [النساء : 11] .

अल्लाह तआला तुम्हें तुम्हारी औलाद के बारे में वसीयत करता है कि बेटे के लिए दो बेटियों के समान हिस्सा है।” (सूरतुन्निसा : 11)

तथा उसके पति की माँ और उसके पिता के लिए कोई हिस्सा नहीं है ; इसलिए कि वे दोनों उसके वारिसों में से नहीं हैं।

दूसरा :

यदि कोई आदमी एक बेटा, एक बेटी, पिता, माँ, पत्नी तथा पत्नी की माँ और पत्नी के पिता को छोड़ कर मर गया तो उसकी वरासत को निम्न प्रकार से विभाजित किया जायेगा :

पिता के लिए : छठा हिस्सा, तथा माँ के लिए: छठा हिस्सा ; क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है :

﴿ وَلِأَبَوَيْهِ لِكُلِّ وَاحِدٍ مِنْهُمَا السُّدُسُ مِمَّا تَرَكَ إِنْ كَانَ لَهُ وَلَدٌ ﴾ [النساء : 11] .

“तथा उसके माता पिता के लिए उन में से प्रत्येक के लिए छठा हिस्सा है उसकी छोड़ी हुई संपत्ति में से यदि उसकी कोई औलाद है।” (सूरतुन्निसा : 11)

तथा पत्नी के लिए : आठवाँ हिस्सा है ; क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है :

﴿ فَإِنْ كَانَ لَكُمْ وَلَدٌ فَلَهُنَّ الثُّمُنُ مِمَّا تَرَكْتُمْ ﴾ [النساء : 12] .

“यदि तुम्हारी कोई औलाद है तो उनके लिए तुम्हारी छोड़ी हुई संपत्ति में से आठवाँ हिस्सा है।” (सूरतुन्निसा : 12)

तथा बेटे और बेटी के लिए शेष बेच हुआ मीरास है ; बेटे के लिए दो बेटियों के बराबर हिस्सा है ; क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है :

﴿ يُوصِيكُمُ اللَّهُ فِي أَوْلادِكُمْ لِلذَّكَرِ مِثْلُ حَظِّ الْأُنْثَيَيْنِ ﴾ [النساء : 11] .

“अल्लाह तआला तुम्हें तुम्हारी औलाद के बारे में वसीयत करता है कि बेटे के लिए दो बेटियों के समान हिस्सा है।” (सूरतुन्निसा : 11)

तथा उसकी पत्नी की माँ और उसके पिता के लिए कोई हिस्सा नहीं है ; इसलिए कि वे दोनों उसके वारिसों में से नहीं हैं।

और अल्लाह तआला सबसे अधिक ज्ञान रखता है।
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