Fri 18 Jm2 1435 - 18 April 2014
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यदि मस्जिद के आस पास मुसलमान न रह गए हों तो क्या उस को बेचना जायज़ है ?

उस मस्जिद को बचेने का क्या हुक्म है जिसके क्षेत्र से मुसलमान स्थानांतरित हो गए हों और उसके नष्ट होने या उस पर अधिग्रहण हो जाने का डर हो ? क्योंकि अधिकांश ऐसा होता है कि मुसलमान कोई घर खरीदते हैं और उसे मस्जिद में परिवर्तित कर लेते हैं, फिर जब अक्सर मुसलमान काम की परिस्थितियों के अंतर्गत उस क्षेत्र से स्थानांतरित हो जाते है तो मस्जिद छोड़ दी जाती है या वीरान हो जाती है, और कभी कभी दूसरे लोग उस पर क़ब्ज़ा जमा लेते हैं। जबकि यह बात संभव है कि उसे बेच दिया जाए और उसके बदले में दूसरी मस्जिद उस स्थान पर स्थापित कर दी जाए जहाँ मुसलमान रहते हैं। तो इस बिक्री या बदलाव का क्या हुक्म है ? और यदि उसके बदले दूसरी मस्जिद बनाने का अवसर न मिले तो मस्जिद की क़ीमत को खर्च करने का निकटतम रूप क्या है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

उस मस्जिद को बेचना जायज़ है जिस से लाभ उठाना बंद हो गया हो, या मुसलमानों ने उस स्थान को छोड़ दिया हो जिसमें वह स्थित है, या उस पर काफिरों के क़ब्ज़ा कर लेने का डर हो। लेकिन इस शर्त के साथ कि उसकी क़ीमत से दूसरी जगह खरीद कर मस्जिद का निर्माण किया जाए। और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।

मुजम्मउल फिक़्हिल इस्लामी (इस्लामी फिक़्ह परिषद) के प्रस्तावों के पृष्ठ 44 से।
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