1885: क्या सूद से बनी हुई मस्जिद में नमाज़ पढ़ना जायज़ है ?


मेरे क्षेत्र में एक इस्लामी केंद्र बनाया गया है। मुसलमानों ने सूद पर भारी क़र्ज़ (ऋण) लेकर संपत्तियाँ खरीदी थीं, और मस्जिद इन्हीं सूद के पैसों से बनाई गई है।
क्या मुसलमान छात्र के लिए इस मस्जिद में नमाज़ पढ़ना या अन्य गतिविधियाँ करना हराम है ? या कि उसके ऊपर क्षेत्र की दूसरी मस्जिदों में जाना अनिवार्य है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है ?

इस मस्जिद में नमाज़ पढ़ना जायज़ है, और जिसने सूद पर क़र्ज़ लिया था उसके ऊपर अल्लाह के समक्ष तौबा (पश्चाताप) करना अनिवार्य है। और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला है।

शैख मुहम्मद बिन सालेह अल-मुनज्जिद
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