Fri 25 Jm2 1435 - 25 April 2014
31064

हाथ के संकेत से सलाम करने का हुक्म

हाथ के इशारे (संकेत) से सलाम करने का क्या हुक्म है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

संकेत के द्वारा सलाम करना जायज़ नहीं है, बल्कि सुन्नत का तरीक़ा यह है कि कलाम के द्वारा सलाम की शुरूआत की जाए और उसी के द्वारा उसक जवाब दिया जाए। जहाँ तक संकेत और इशारे के द्वारा सलाम करने का प्रश्न है, तो यह जायज़ नहीं है ; क्योंकि यह इस संबंध में कुछ काफिरों के साथ समानता है, और इसलिए कि यह अल्लाह की शरीअत के विरूद्ध है, लेकिन अगर उसने उस व्यक्ति की ओर जिसे सलाम कहना है अपनी ज़ुबान से सलाम बोलने के साथ साथ अपने हाथ से संकेत कर दिया ताकि उसे दूर होने की वजह से सलाम को समझा सके, तो इस बारे में कोई आपत्ति की बात नहीं है ; क्योंकि ऐसी चीज़ वर्णित है जो इस पर तर्क देती है, इसी तरह यदि जिसे सलाम किया गया है वह नमाज़ में व्यस्त है तो वह संकेत के द्वारा सलाम का जवाब देगा, जैसा कि इस संबंध में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से सही हदीस प्रमाणित है।

मजमूओ फतावा व मक़ालात मुतनौविआ लिश्शैख इब्ने बाज़ 6/352
Create Comments