36637: वह हज्ज करने में अपने माता पिता की सहायत करता है और स्वयं हज्ज नहीं किया है


क्या मनुष्य के लिए जाइज़ है कि वह स्वयं हज्ज के लिए जाने से पहले अपने माता पिता को हज्ज करने के लिए भेज दे ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।

हज्ज प्रत्येक वयस्क, अक़लमंद (समझदार) आज़ाद (मुक्त) मुसलमान पर जो उसके करने पर सक्षम है जीवन में एक बार अनिवार्य है। तथा माता पिता के साथ सद्व्यवहार करना और कर्तव्य के पालन पर उनकी सहायता करना यथाशक्ति एक धर्मसंगत तत्व है, परंतु आपके ऊपर अनिवार्य यह है कि आप पहले अपनी तरफ से हज्ज करें, फिर अपने माता पिता की सहायता करें यदि सब का एक साथ हज्ज करना संभव नहीं है। और यदि आप अपने माता पिता को अपने ऊपर प्राथमिकता देते हैं तो उन दोनों का हज्ज शुद्ध होगा।

और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला है।

इफ्ता और वैज्ञानिक अनुसंधान की स्थायी समिति के फतावा (11/70).
Create Comments