36741: जो दस साल के हो गए हैं उनके बिस्तर अलग करना ज़रूरी है


क्या यह जाइज़ है कि मैं अपने दोस्त के बगल में सोऊँ जबकि हमें केवल एक ही ओढ़ना ढाँपता है उसके अलावा कोई दूसरा नहीं है जो हमें सर्दी (ठंड) से बचा सके, और दो ओढ़ना (कवर) होने की स्थिति में वे दोनों केवल एक साथ ही सर्दी को दूर कर सकते हैं ॽ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

दो व्यस्क् का एक कंबल के नीचे एक साथ लेटना जाइज़ नहीं है। जबकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जैसाकि अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस ने रिवायत किया है, फरमाया : तुम अपने बच्चों को नमाज़ का हुक्म दो जब वे सात साल के हो जाएं, और उन्हें उस पर मारो जब वे दस साल के हो जाएं, और उनके बिस्तर अलग कर दो।” इसे अहमद (हदीस संख्या : 6689), और अबू दाऊद (हदीस संख्या : 495) ने रिवायत किया है और अल्बानी ने सहीह कहा है।

जब यह हुक्म उसके बारे में है जिसकी आयु सद साल है, तो फिर बड़े बालिग का हुक्म क्या होगा ॽ बल्कि उचित तो यह है कि आप एक ही बिस्तर पर भी न हों, बल्कि दो बिस्तर और दो लिहाफ (कंबल) में अलग अलग हो जायें, और यदि वहाँ दो ही ओढ़ने हों जिनमें से कोई एक अकेले सर्दी को न रोकता हो, तो प्रत्येक व्यक्ति एक कवर को लपेट और उसे मोड़ ले ताकि वह मोटा हो जाए और सर्दी को रोक सके, या एक दूसरा कवर (ओढ़ना) खरीद लें।

हाफिज़ इब्ने हजर ने एक समूह के एक बिसतर में सोने के बारे में फरमाया : “तथा एक दूसरे तरीक़ से साबित है कि इस बात की शर्त लगाई जायेगी कि वे एक लिहाफ में एकत्र न हों।” अंत।

“फत्हुल बारी” (7/204).

और अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखता है।
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