Thu 24 Jm2 1435 - 24 April 2014
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ईद के लिए स्नान का समय

ईद के लिए स्नान कब किया जायेगा ॽ क्योंकि जब मैं फज्र के बाद स्नान करता हूँ तो समय बहुत तंग होता है क्योंकि ईदगाह जिसमें हम ईद की नमाज़ पढ़ते हैं मेरे घर से बहुत दूर है।

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

सर्व प्रथम :

ईद के दिन स्नान करना मुस्तहब है।

यह बात वर्णित है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने ईद के दिन स्नान किया।

इसी तरह कुछ सहाबा जैसे अली बिन अबू तालिब, सलमह बिन अल-अक्वअ़ और इब्ने उमर रज़ियल्लाहु अन्हुम के बारे में ईद के दिन गुस्ल करना वर्णित है।

इमाम नववी ने अल-मजमू में फरमाया :

इब्ने उमर के असर (अर्थात उनके व्यक्तिगत अमल) के सिवाय सभी की इस्नाद कमज़ोर और व्यर्थ हैं . . . और उसके (मुस्तहब होने को सिद्ध करने में) विश्वस्त इब्ने उमर का असर तथा जुमुआ पर क़ियास करना है।” (अंत)

इब्नुल क़ैयिम ने फरमाया :

“इसके बारे में दो ज़ईफ हदीसें हैं . . . किंतु इब्ने उमर से उनके सुन्नत का सख्त अनुकरण करने के बावजूद यह साबित है कि वह ईद के दिन निकलने से पहले स्नान करते थे।” (अंत)

दूसरा :

जहाँ तक ईद के लिए स्नान करने के समय का संबंध है, तो सर्वश्रेष्ठ यह है कि वह फज्र की नमाज़ के बाद हो, और यदि वह समय के तंग और फज्र के बाद स्नान करने में कष्ट को ध्यान में रखते हुए फज्र से पहले स्नान कर ले तो पर्याप्त होगा, जबकि लोगों को ईद की नमाज़ के लिए जाने की आवश्यकता होती है और हो सकता है कि ईदगाह दूर हो।

मुवत्ता इमाम मालिक की शरह अल-मुंतक़ा में फरमाया :

मुसतहब यह है कि उसका स्नान उसके ईदगाह की तरफ निकलने से मिला हुआ हो। इब्ने हबीब ने कहा : ईद के लिए स्नान करने का सर्वश्रेष्ठ समय सुबह की नमाज़ के बाद है। इमाम मालिक ने अल-मुख्तसर में फरमाया : यदि ईदैन के लिए फज्र से पहले स्नान कर ले तो इसमें विस्तार है। (अंत)

तथा शर्ह मुख्तसर खलील (2/102) में है कि उसका समय रात का अंतिम छठा हिस्सा है।

तथा इब्ने क़ुदामा ने “अल-मुग़्नी” में फरमाया :

“अल-खिरक़ी के प्रत्यक्ष शब्दों में (ईद के लिए) स्नान का समय फज्र के उदय होने के बाद है। क़ाज़ी और आमिदी ने कहा : यदि उसने फज्र से पहले स्नान किया तो वह स्नान की सुन्नत को नहीं पायेगा, क्योंकि एक नमाज़ का स्नान उसी दिन में होना चाहिए, अतः फज्र से पहले जाइज़ नहीं है जैसे कि जुमुआ के स्नान का मामला है। तथा इब्ने अक़ील ने फरमाया : इमाम अहमद से मनसूस (स्पष्ट शब्द) यह है कि वह (स्नान का समय) फज्र से पहले और उसके बाद है ; क्योंकि ईद का समय जुमुआ के समय से तंग और सीमित होता है, इसलिए यदि उसे फज्र पर आधारित कर दिया जाए तो नमाज़ का समय निकल सकता है, और इसलिए भी कि स्नान का मक़सद सफाई व सुथराई हासिल करना है, और यह रात में स्नान करके भी प्राप्त हो सकती है क्योंकि वह नमाज़ से क़रीब है, जबकि सर्वश्रेष्ठ यह है कि फज्र के बाद स्नान किया जाए, ताकि मतभेद और विवाद से निकला जा सके, और नमाज़ से क़रीब होने के कारण सफाई व सुथराई में भी अधिक हो।

नववी ने “अल-मजमू” में फरमाया :

इस स्नान के शुद्ध होने के समय के बारे में दो प्रसिद्ध विचार हैं, उन में से एक यह है कि उसका समय फज्र के बाद है, किताबुल उम्म में इसे स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है। और उन दोनों में सबसे सहीह असहाब (इमाम शाफई के अनुयायिों) की सर्व सहमति के साथ यह है कि फज्र से पहले और उसके बाद गुस्ल करना जाइज़ है . . .

तथा क़ाज़ी अबू तैयिब ने अपनी किताब “अल-मुजर्रद” में फरमाया : इमाम शाफई ने “अल-बुवैती” में ईद के लिए फज्र से पहले स्नान करने के सहीह होने को स्पष्ट रूप से वर्णन किया है।

नववी ने कहा : अगर हम सबसे सहीह विचार को चयन करते हुए कहें कि फज्र से पूर्व स्नान करना जाइज़ है, तो उसके निर्धारित करने के बारे में तीन रूप हैं, उनमें सबसे सही और सबसे प्रसिद्ध यह है कि : आधी रात के बाद सही है और उस से पहले सही नहीं है, दूसरा रूप् यह है कि: पूरी रात में सही है, इसी को ग़ज़ाली ने सुनिश्चित किया है और इब्नुस्सब्बाग़ वगैरह ने इसे पसंद किया है। तीसरा रूप् यह है कि फज्र से थोड़ा पहले सेहरी के समय सही है, बग़वी ने इसी को सुनिश्चित किया है। संक्षेप के साथ समाप्त हुआ।

इस आधार पर, ईद के लिए फज्र से पहले स्नान करने में कुछ भी गलत नहीं है ताकि मुसलमान ईद की नमाज़ के लिए निकलने पर सक्षम हो सके।

और अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखता है।
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