Mon 21 Jm2 1435 - 21 April 2014
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क्या सऊदी अरब के अधीन उसके लिए रोज़ा तोड़ना जायज़ है, जबकि उसके देशवासी रोज़े से हैं

हम ने अपने देश में रमज़ान के तीस दिन पूरे किए, परंतु सऊदी अरब में लोगों ने उन्तीस दिन के रोज़े रखे, अचानक तीसवें दिन मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि उसने रोज़ा तोड़ दिया है और उसने मुझसे कहा कि : आज के दिन रोज़ा रखना हराम है क्योंकि सऊदी अरब में चाँद दिखाई दिया है।
प्रश्न यह है कि : मेरे दोस्त ने जो किया है उसका क्या हुक्म है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

अगर मुसलमान किसी ऐसे देश में मौजूद है जिसमें महीने के प्रवेश करने और उसके समाप्त होने को साबित करने के लिए शरीअत के अनुसार चाँद देखने का एतिबार किया जाता है, तो आदमी इस बात का प्रतिबद्ध है कि रोज़ा रखने और रोज़ा तोड़ने (बंद करने) में उनके साथ सहमति अपनाए, इसका वर्णन प्रश्न संख्या (12660) के उत्तर में हो चुका है।

परंतु अगर मुसलमान एक नास्तिक देश में है, या ऐसे देश में है जहाँ महीने के प्रवेश करने और उसके समाप्त होने के बारे में अपनी इच्छाओं के अनुसार खिलवाड़ करते हैं, इस बारे में शरीअत के अनुसार चाँद देखने का ध्यान नहीं रखते हैं, तो उसके लिए ऐसे लोगों का अनुसरण करने में कोई आपत्ति नहीं है जिनके चाँद देखने और शरीअत के प्रावधानों का पालन करने पर उसे भरोसा और विश्वास है।

तथा प्रश्न संख्या (50522) का उत्तर देखें, क्योंकि उसमें इस मुददे पर चर्चा किया गया है।

और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।
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