मोज़ो पर मस्ह करना

176866 - क्या विद्वानों की यह शर्त लगाने पर सर्वसहमति है कि मोज़े को दोनों टखनों को ढांकने वाला होना चाहिए? 97494 - यदि उसने फज्र के समय मोज़ा पहना है तो क्या वह अगली फज्र तक उसपर मसह करेगा? 95230 -  क्या बीमारी के कारण एक लंबी अवधि के लिए मोज़ों पर मसह करना जायज़ है? 69829 - उसने निवासी होने के बावजूद तीन दिन मसह किया तो क्या वह दो दिन की नमाज़ें दोहरायेगा ॽ 147897 - उसने अपने मोज़ों पर मसह किया फिर उसे समय के समाप्त होने का याद आया तो क्या वह अपने पैरों को धोए या वुज़ू को दोहराये ॽ 162395 - क्या बीमार तथा जो व्यक्ति सलसुल-बौल का शिकार है उनके लिए मोज़ों पर मसह करने की अनुमति है ॽ 100112 - यदि मसह की अवधि समाप्त हो जाए या ऊपर का मोज़ा निकाल दे तो क्या वुज़ू टूट जायेगा ॽ 20431 - क्या गरमी में मोज़ों पर मसह करना जाइज़ है ? 13954 - मोज़े का चमड़े का होना शर्त नहीं है 45788 - मोज़ों पर मसह करने के बाद यदि उन्हें उतार दे तो क्या इससे उसकी तहारत (पवित्रता) नष्ट हो जायेगी ? 26343 - क्यो मोज़े उतारने से वुज़ू टूट जाता है ? 69761 -  क्या वुज़ू के दौरान दोनों पैरों को धोना फर्ज़ है या उन पर मसह करना ? 21705 - मोज़ों पर मसह करने की अवधि समाप्त होने के बाद पवित्रता का बाक़ी रहना 45535 - दोनों मोज़ो पर मसह करना सर्वश्रेष्ठ है या दोनों पैरों को धोना ? 12796 - मोज़े या जुर्राब पर मसह करने का तरीक़ा 69866 - यदि आदमी बायें पैर को धोने से पहले दायें पैर में मोज़ा पहन ले तो क्या वह मोज़े पर मसह करेगा ? 9640 - मोज़ों पर मसह करने की शर्तें