हर प्रकार
की प्रशंसा और
स्तुति केवल अल्लाह
के लिए योग्य है।
जो माल
व्यापार के लिए
प्रस्तुत किया
गया है उस में दो
शर्तों के साथ
ज़कात अनिवार्य
होती है :
पहली
शर्त : निसाब (यानी
ज़कात अनिवार्य
होने की न्यूनतम
सीमा) तक पहुँचना।
दूसरी
शर्त : उस पर साल
का बीतना ; क्योंकि नबी
सल्लल्लाहु अलैहि
व सल्लम का फरमान
है : “किसी माल में
ज़कात अनिवार्य
नहीं है यहाँ तक
कि उस पर साल बीत
जाए।” इसे तिर्मिज़ी
(हदीस संख्या : 632),
और इब्ने माजा
(हदीस संख्या :
1792) ने रिवायत किया
है और उपरोक्त
शब्द उन्हीं के
हैं,
और अल्बानी
रहिमहुल्लाह ने
उसे सही कहा है।
तथा
व्यापार के सामान
की ज़कात हर उस चीज़
में अनिवार्य होती
है जिसे बिक्री
और व्यापार के
लिए तैयार किया
गया है, अतः
इसमें फार्मेसी
की दवाईयाँ और
वे सभी आवश्यक
चीज़ें दाखित हैं
जो उनमें बेची
जाती हैं, परंतु जो चीज़
बेची नहीं जाती
है उसमें ज़कात
नहीं है, जैसे फर्नीचर, अलमारियाँ, रेक, मशीनें
(एयर कंडीश्नर, कंप्यूटर)...
इत्यादि।
अधिक
लाभ के लिए प्रश्न
संख्या (50726) का उत्तर
देखिए।
इस आधार
पर, आपके भाई पर
अनिवार्य है कि
जब साल बीत जाए
तो फार्मेसी में
बेची जाने वाली
चीज़ों की वह क़ीमत
लगाए जिस पर वह
साल के अंत में
बेचता है, तथा उसके साथ
उस लाभ को भी मिला
ले जो लाभ उसने
फार्मेसी से प्राप्त
किया है, और वह अभी तक
उसके पास बचा
हुआ है उसे खर्च
नहीं किया है, और सब की
2.5 प्रतिशत ज़कात
निकाले।
तथा
इस बात से अवगत
होना उचित है कि
व्यापार के सामान
का साल, उन
पैसों के साल का
पूरा होना है जिनके
द्वारा उसने उसे
खरीदा है, और उसके खरीदने
के दिन से उसका
हिसाब नहीं किया
जायेगा। इसके स्पष्टीकरण
के लिए प्रश्न
संख्या (32715) का उत्तर
देखिए।