132438: अगर डॉक्टर मरीज़ों का इलाज़ करने के कारण थक जाऐ, तो क्या वह अपना रोज़ा तोड़ सकता है?


यदि डॉक्टर सामान्य हालतों में रोगियों का उपचार करने के कारण थक जाए तो क्या वह अपना रोज़ा तोड़ सकता है? यदि वह सर्जरी (शल्य-चिकित्सा) कर रहा है जिनमें से कुछ हालतों में एक लंबा समय लग सकता है तो उसका क्या हुक्म है, और यदि मामला आपातकालीन चिकित्सा का है तो क्या उसका हुक्म भिन्न है?

Published Date: 2016-06-29

उत्तर :

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

‘‘डॉक्टर के लिए यह जायज़ नहीं है कि मरीज़ों का इलाज करने के लिए अपना रोज़ा तोड़ दे, सिवाय इसके कि मरीज़ की स्थिति गंभीर हो, और उसका इलाज करना चिकित्सक डॉक्टर के रोज़ा तोड़ने पर लंबित हो, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर अपना रोज़ा तोड़ सकता है; क्योंकि यह एक निर्दोष को विनाश से बचाना है।

और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला है, तथा अल्लाह हमारे ईश्दूत मुहम्मद, उनकी संतान  और उनके साथियों पर दया एवं शांति अवतरित करे।’’ अंत हुआ।

इफ्ता और वैज्ञानिक अनुसंधान की स्थायी समिति

शैख अब्दुल अज़ीज़ बिन अब्दुल्लाह बिन बाज़, शैख सालेह अल-फौज़ान, शैख अब्दुल अज़ीज़ आलुश्शैख, शैख बक्र अबू ज़ैद।

‘‘फतावा स्थायी समिति द्वितीय संग्रह’’ (9/203)
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