159363: क्या वह अपने भाई की ज़मानत ले सकती है ताकि वह कनाडा में रह सके जबकि वह अपने धर्म पर सुदृढ़ रूप से अमल करने वाला नहीं है


मैं कालगरी, कनाडा में निवास करती हूँ, मैं यहाँ अपने पति के साथ एक आप्रवासी के रूप में आई थी। मेरा छोटा भाई (जिसकी आयु 26 वर्ष है और वह शादीशुदा है) कनाडा आना चाहता है और वह चाहता है कि मैं उसकी ज़मानत लूँ। वह वर्तमान समय में एक धार्मिक (धर्मनिष्ठ) मुसलमान नहीं है, मैं जानना चाहती हूँ कि : यदि मैं उसकी ज़मानत ले लेती हूँ और भविष्य में वह कनाडा आता है और वह औपचारिक रूप से इस्लाम की शिक्षाओं का पालन नहीं करता है तो क्या मैं दोषी हूँगी ॽ कृपया क़ुरआन और हदीस की रोशनी में मुझे इसके हुक्म से अवगत करायें।

Published Date: 2011-09-19

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

कुफ्र के देश में दीन का प्रदर्शन करने, इस्लाम और तौहीद (एकेश्वरवाद) का ऐलान करने और धर्म के प्रतीकों को स्थापित करने के सामर्थ्य की शर्त और फित्ने से सुरक्षित होने के साथ निवास करना जाइज़ है, इस प्रकार कि निवासी दीन वाला (धर्मनिष्ठ) हो जो उसे शहवतों (इच्छाओं) और संदेहों से रोकने वाला हो।

तथा प्रश्न संख्या (13363) और (111564) देखिये।

इस आधार पर यदि आप को अपने भाई पर फित्ने का भय है क्योंकि वह सुदृढ़ रूप से धर्म का पालन करने वाला नहीं है, तो आप के लिए उस की इस देश में आने पर सहायता करना जाइज़ नहीं है, क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है:

﴿وَتَعَاوَنُوا عَلَى الْبِرِّ وَالتَّقْوَى وَلا تَعَاوَنُوا عَلَى الإثْمِ وَالْعُدْوَانِ وَاتَّقُوا اللَّهَ إِنَّ اللَّهَ شَدِيدُ الْعِقَابِ ﴾ [المائدة: 2]

“नेकी और परहेज़़गारी में एक दूसरे का सहयोग करते रहो, तथा गुनाह और ज़ुल्म व अत्याचार में सहयोग न करो, और अल्लाह से डरते रहो, निःसंदेह अल्लाह तआला कड़ी सज़ा देने वाला है।” (सूरतुल माइदा : 2)

और यदि आप को उसके सुधार और धर्मपालन पर सुदृढ़ता की आशा हो, अथवा आप के लिए उस की देखरेख करना और उसे खराबी से बचाकर रखना संभव है और उसके वहाँ रहने में कोई हित या किसी हानि का दूर करना पाया जाता है, तो उसकी किफालत करने और मदद करने में आप के लिए कोई गुनाह (आपत्ति) की बात नहीं है।

और अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखता है।
Create Comments