26725: उसने गलती से कंकड़ी मारने के समय से पहले ही कंकड़ी मार दी


जिस व्यक्ति ने ईद के दूसरे दिन चाश्त के समय ही जमरात को कंकड़ी मार दी, फिर उसे बाद में पता चला कि कंकड़ी मारने का समय दोपहर के बाद है, तो उसपर क्या अनिवार्य हैॽ

Published Date: 2018-07-29

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

 

जिस आदमी ने ईदुल अज़्हा के दूसरे दिन सूर्य के ढलने से पहले ही जमरात को कंकड़ी मारी है तो उसके ऊपर अनिवार्य है कि वह उस दिन सूर्य के ढलने के बाद फिर से कंकड़ी मारे। यदि उसे अपनी गलती का ज्ञान तीसरे या चौथे दिन होता है तो वह तीसरे या चौथे दिन सूर्य के ढलने के बाद उन्हें फिर से कंकड़ी मारेगा, इससे पहले कि वह उस दिन की कंकड़ी मारे जिसमें उसने उसे याद किया है। अगर उसे चौथे दिन सूर्यास्त के बाद पता चलता है तो वह कंकड़ी नहीं मारेगा। उसके ऊपर एक बकरी अनिवार्य है जिसे वह हरम में ज़बह करके गरीबों को खिलाएगा।

और अल्लाह तआला ही तौफ़ीक़ प्रदान करनेवाला है। तथा अल्लाह तआला हमारे पैगंबर मुहम्मद, उनके के परिवार और साथियों पर दया और शांति अवतरिता करे।

स्थायी समिति (समिति का फतावा, 11/273)
Create Comments