Sat 19 Jm2 1435 - 19 April 2014
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अल्लाह के लिए मोहब्बत

ऐ हमारे प्यारे शैख ! मेरे पास कोई प्रश्न नहीं है, किंतु मैं आपसे यह कहना चाहता हूँ कि मैं आपसे अल्लाह के लिए मोहब्बत करता हूँ, और अल्लाह से यह प्रश्न करता हूँ कि आपको दुनिया व आखिरत में तौफीक़ प्रदान करे।

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

ऐ मेरे भाई ! अल्लाह तआला आपको सुन्नत का पालन करने पर श्रेष्ठ बदला दे। मिक़दाम बिन मादी करब से रिवायत है कि उन्होने कहा : अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : “यदि तुम में से कोई व्यक्ति अपने भाई से प्यार करे तो उसे इसके बारे में बतला दे।” इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है और कहा है कि यह एक हसन सहीह हदीस है।

तथा अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है कि उन्हों ने कहा : मैं अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास बैठा हुआ था कि एक आदमी का गुज़र हुआ, तो क़ौम के एक आदमी ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल ! मैं इस आदमी से मोहब्बत करता हूँ। आप ने फरमाया : “क्या तुमने उसे इस बात से सूचित किया हैॽ” उसने कहा : नहीं। आप ने फरमाया : “उठो और उसे सूचित कर दो।” कहते हैं कि फिर वह उठकर उसके पास गया और कहा : हे फलाँ मैं आपसे अल्लाह के लिए मोहब्बत करता हूँ। तो उसने कहा : जिसके लिए तू ने मुझसे मोहब्बत की है वह (अल्लाह) तुम से मोहब्बत करे।” इस हदीस को इमाम अहमद और अबू दाऊद ने रिवायत किया है और यह एक सही हदीस है।

और मैं आप से कहता हूँ : अल्लाह आप से मोहब्बत करे जिसके लिए आप ने मुझसे मोहब्बत की है।

शैख मुहम्मद बिन सालेह अल मुनज्जिद
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