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संकट और कठिनाई के समय में नबवी अज़कार एवं दुआएँ
फ़ित्नों (संकटों) से बचने और कठिनाइयों से राहत के लिए कुछ दुआएँ इस प्रकार हैं : • "अल्लाहुम्मा इन्ना नज-अलुका फी नुहूरिहिम व नऊज़ो बिका मिन शूरुरिहिम" • “ला इलाहा इल्लल्लाहुल अज़ीमुल हलीम, ला इलाहा इल्लल्लाहु रब्बुल अर्शिल अज़ीम, ला इलाहा इल्लल्लाहु रब्बुस समावाति व-रब्बुल अर्ज़ि व-रब्बुल अर्शिल करीम” • “ला इलाहा इल्लल्लाहुल हलीमुल करीम, ला इलाहा इल्लल्लाहुल अलिय्युल अज़ीम, ला इलाहा इल्लल्लाहु रब्बुस समावातिस सब्ए व-रब्बुल अर्शिल करीम” • “अल्लाहुम्मा अन्ता अज़ुदी व अन्ता नसीरी व बिका उक़ातिल” • “ला इलाहा इल्ला अन्ता सुब्ह़ानका इन्नी कुन्तु मिनज़्-ज़ालिमीन” • “अऊज़ो बि कलिमातिल्लाहित्-ताम्मति मिन ग़ज़बिही व मिन शर्रि इबादिही व मिन हमज़ातिश-शयातीनि व अन् यहज़ुरुन” • “अल्लाहुम्मा रहमतका अर्जू फला तकिल्नी इला नफ्सी तर्फता ऐन, व असलिह ली शानी कुल्लहु, ला इलाहा इल्ला अन्त” • "या ह़य्यु या क़य्यूमु बि-रह़मतिका अस्तग़ीसु” • ”अल्लाहु रब्बी, ला उश्रिको बिही शैअन्”सहेजेंवह अनियंत्रित जुनूनी विकार से ग्रस्त होने के कारण गाली बकता और शाप देता है।
सहेजेंपूंछ या नितंब कटे हुए जानवर की क़ुर्बानी करने का हुक्म, और यदि सही सलामत जानवर न मिले तो क्या हुक्म है?
सहेजेंपैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की क़ब्र को मस्जिद में सम्मिलित करने की तत्वदर्शिता क्या है ॽ
सहेजेंमृतक की ओर से और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरफ से क़ुर्बानी करने का हुक्म
सहेजेंतलाक़ को घटित होने से रोकने के लिए अनेक शरई प्रतिबंध
सहेजेंओवरनाइट शुल्क के साथ ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग करने का हुक्म
सहेजेंक्या इस्लाम गैर-मुसलमानों को दया और करुणा की दृष्टि से देखता है?
सहेजेंउम्रा का तरीका
उम्रा चार चीज़ों से मिलकर बनता है : एहराम बाँधना, अल्लाह के पवित्र घर (काबा) का तवाफ़ करना, सफ़ा और मरवा के बीच सई करना, और बाल मुँडवाना या छोटे करवाना। विस्तृत उत्तर में हम सुन्नत में वर्णित उम्रा के तरीके को संक्षेप में बताएँगे।सहेजेंदुनिया और आख़िरत में हाफ़िज़े-क़ुरआन की विशेषताएँ
हाफ़िज़े-क़ुरआन को दुनिया और आख़िरत में जो विशेषताएँ प्राप्त होती हैं, उनमें से कुछ ये हैं : • उसे नमाज़ पढ़ाने में दूसरों पर प्राथमिकता दी जाती है, अर्थात् वह लोगों का इमाम होता है। • मृत्यु के बाद जब उसे क़ब्र में रखा जाता है, तो क़िबला (मक्का में स्थित काबा) की दिशा में उसका स्थान दूसरों से आगे होता है। • यदि वह नेतृत्व और प्रशासन की क्षमता रखता हो, तो उसे नेतृत्व की ज़िम्मेदारी सौंपने में प्राथमिकता दी जाती है। • आख़िरत में उसका वास्तविक दर्जा उस अंतिम आयत के अनुसार होगा जिसे उसने याद रखा था। • वह जन्नत में फ़रिश्तों के साथ उनके स्थानों में उनका साथी बनकर रहेगा। • उसे सम्मान का मुकुट और सम्मान का वस्त्र पहनाया जाएगा।सहेजें