क्या रोज़ी में वृद्धि के लिए कोई विशिष्ट नमाज़ है?
सही और प्रमाणित सुन्नत में रोज़ी बढ़ाने के लिए कोई विशेष नमाज़ नहीं मिलती। प्रश्न में वर्णित यह नमाज़ और इसकी विशेष दुआ एक नयी बनाई हुई नमाज़ है। यह दीन में ऐसी चीज़ को शरीअत का हिस्सा बना देना है जिसकी अनुमति अल्लाह ने नहीं दी, तथा यह नई गढ़ ली गई बिदअतों में से है जिनसे रोका गया है। परंतु रोज़ी में बरकत और वृद्धि के लिए शरीअत ने कुछ वैध और प्रमाणित कारण बताए हैं, जिनमें से कुछ की ओर इशारा करना और ध्यान दिलाना अच्छा है, जैसे : इस्तिग़फ़ार (अल्लाह से क्षमा माँगना), रिश्तेदारों से संबंध बनाए रखना (सिला-रहमी), दुआ करना, अल्लाह का तक़वा अपनाना, अधिक सदक़ा देना, अधिकाधिक हज्ज और उमरा करना तथा उनके बीच निरंतरता रखना।