Wed 23 Jm2 1435 - 23 April 2014
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नवजात शिशु के कान में टेलीफोन के माध्यम से अज़ान देना

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अल्लाह सर्वशक्तिमान इन शा अल्लाह निकट ही मुझे एक बच्चा प्रदान करेगा। मेरा निवास एक देश में है, जबकि मेरे पिता एक दूसरे देश में रहते हैं, और वह अपने स्वास्थ्य की समस्या की वजह से मेरे नवजात शिशु को जनने के समय उसके कान में अज़ान देने के लिए आने पर सक्षम नहीं होंगे। जबकि मेरी यह आदत रही है कि मेरे पिता जन्म के समय मेरे बच्चों के कान में अज़ान देते हैं। क्या मेरे लिए ऐसा करना जायज़ है कि मैं अपने बच्चे के जन्म के समय उसके कान पर फोन रख दूँ और मेरे पिता फोन के माध्यम से उसके कान में अज़ान दें ? क्या यह जायज़ है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है ?

सर्व प्रथम :

नवजात बच्चे के कान में अज़ान और इक़ामत कहने के बारे में वर्णित हदीसों की सनदें कमज़ोरी से खाली नहीं हैं, और विद्वानों में से जिन्हों ने उन पर अमल किया है तो यह आमाल की फज़ीलतों के बारे में ज़ईफ हदीस को लेने की रूख्सत के अध्याय से है।

तथा अघिक लाभ के लिए प्रश्न संख्या (136088) का उत्तर और प्रश्न संख्या (150966) का उत्तर देखें।

दूसरा :

उचित तो यह है कि मुअजि़्ज़न सीधे नवजात बच्चे के कान में अज़़ान दे, और इस काम के लिए पिता वग़ैरह का ही होना शर्त नहीं है, बल्कि स्वयं आपके लिए या उसके पिता के लिए भी ऐसा करना संभव है।

यदि आप यह चाहती हैं कि आपके पिता उसके कान में फोन के माध्यम से अज़ान दें, तो इसमें कोई आपत्ति की बात नहीं है। और यदि आप दोनों ही चीज़ें एकत्र कर दें, कि आप लोग उसके कान में अज़ान कहें, और आपके पिता फोन के माध्यम से अज़ान दें, तो इससे रोकने वाली कोई चीज़ प्रत्यक्ष नहीं होती है। जबकि उचित यह है कि हम इस तरह की चीज़ों में तकल्लुफ को छोड़ दें, विशेषकर यदि उस पर इस तरह की चीज़ों में एक आदमी को छोड़कर दूसरे की प्रतिष्ठा व विशेषता का अक़ीदा रखना निष्कर्षित होता हो।

 और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।

साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर
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