Fri 25 Jm2 1435 - 25 April 2014
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हज्ज करना अनिवार्य है भले ही बिदअती लोगों के साथ ही सही

हम अह्ले सुन्नत में से (अर्थात् सुन्नी लोग) हैं, और एक शीया देश में रहते हैं, हम हज्ज का फरीज़ा (कर्तव्य) अदा करना चाहते हैं। हम देश वालों के साथ सफर नहीं कर सकते क्योंकि वे लोग शीया हैं और रास्ते में समस्यायें पैदा होने की संभावना है।

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।

आप लोगों के ऊपर अनिवार्य है कि आप लोग हज्ज करें चाहे शीया लोगों के साथ ही क्यों न हो यदि आप लोग हज्ज करने पर सक्षम हैं। इसके साथ ही आप लोगों को चाहिए कि शीया लोगों के संदेहों और उनके झूठे मत से सावधान रहें। और यदि आप लोगों से यह हो सकता है कि आप लोग उन्हें नसीहत करें और उन्हें अह्ले सुन्नत का मत अपनाने का निमंत्रण दें, तो आप लोगों के ऊपर ऐसा करना अनिवार्य है; क्योंकि अल्लाह सर्वशक्तिमान का फरमान है:

 ﴿ادْعُ إِلَى سَبِيلِ رَبِّكَ بِالْحِكْمَةِ وَالْمَوْعِظَةِ الْحَسَنَةِ وَجَادِلْهُمْ بِالَّتِي هِيَ أَحْسَنُ﴾ [النحل : 125]

"अपने रब के रास्ते की ओर लोगों को हिक्मत और अच्छी नसीहत के साथ बुलाईये, और उनसे अच्छे ढंग से बहस कीजिये।" (सूरतुन्नह्ल: 125) और इसके अलावा अन्य आयतें जो अल्लाह सर्वशक्ति की तरफ बुलाने, भलाई का आदेश करने और बुराई से रोकने की अनिवार्यता पर तर्क स्थापित करती हैं। अल्लाह तआला सभी लोगों की स्थिति में सुधार पैदा करे।

देखिये: इफ्ता और वैज्ञानिक अनुसंधान की स्थायी समिति के फतावा (11/18).
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