Sun 20 Jm2 1435 - 20 April 2014
106570

क्या मोहरिम के लिए एहराम की हालत में साबुन और शैम्पू के द्वारा सफाई व सुथराई करना जायज़ है ?

प्रश्न : मोहरिम व्यक्ति के लिए खुश्बूदार साबुन या शैम्पू के द्वारा सफाई व सुथराई करने का क्या हुक्म है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

‘‘मोहरमि के लिए स्नान करने में कोई हरज (आपत्ति) की बात नहीं है, क्योंकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के बारे में प्रमाणित है कि आप ने एहराम की हालत में स्नान किया।

रही बात शैम्पू की, तो प्रत्यक्ष बात यही है कि उसकी महक (गंध), इत्र की नहीं है, बल्कि वह एक बू और महक है जो मन को भाती है जैसा कि पोदीना, सेब के पत्ते और इसके समान चीज़ों में होता है। बहरहाल जो भी चीज़ सुगंध (इत्र) है मोहरिम के लिए उसका इस्तेमाल जायज़ नहीं है।’’ अंत

‘‘मजमूओ फतावा इब्न उसैमीन’’ (22/160)
Create Comments