198367: क्या गंजापन उन दोषों में से है जिनके बारे में मंगेतर को सूचना देना अनिवार्य है?


मेरे सिर के अगले हिस्से में हल्के बाल हैं, अर्थात सामने से मेरे सिर के पूरे बाल हल्के हैं, और मेरे सिर की त्वचा दिखाई देती है। तथा मेरे सिर के पीछे का एक छोटा हिस्सा भी इसी तरह है। तो क्या मेरे लिए संभव है कि मैं किसी वैध या अनुमेय कार्य के लिए आवेदन करूँ, जबकि वह अपने नये रूप में दिखाई दे रहा हो। यदि मैं उस पर सुरमे (काजल) का रंग लगाकर नौकरी के लिए आवेदन करूँ तो इस बारे में आपका क्या विचार है?
क्या इससे यह समझा जायेगा कि मैं ने अपनी कंपनी के मालिक या मैनेजर के साथ धोखा किया है और मेरा वेतन संदिग्ध होगा? या कि मैं अपने काम और कड़ी मेहनत का वेतन लेता हूँ और उसका मेरे बालों से कोई संबंध नहीं है?
दूसरा : क्या अगर मैं शादी करूँ और अपनी मंगेतर को अपने सिर के बाल का तथ्य न बताऊँ, या उदाहरण के तौर पर यदि मैं उसे खुलकर बता दूँ परंतु वह मेरे सिर को न देखे, तो क्या मेरा निकाह व्यर्थ (अमान्य) समझा जायेगा?

Published Date: 2014-08-18

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

सर्व प्रथम :

प्रश्न संख्या (194116) के उत्तर में यह बीत चुका है कि : गंजापन को छुपाने के लिए सुरमा (काजल) लगाने में कोई समस्या नहीं है, और इसे अल्लाह सर्वशक्तिमान की रचना में परिवर्तन करना नहीं समझा जायेगा, बल्कि वह अनुमेय सजावट (श्रृंगार) में से है।

तथा आप के लिए नियोक्ता (मालिक) को इसके बारे में सूचना देना ज़रूरी नहीं है ; क्योंकि यह आपके कार्य को प्रभावित नहीं करता है, इसलिए आपके वेतन पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।

दूसरा :

दरअसल विवाह करने वाले कि लिए उन दोषों को छुपाना जायज़ नहीं है जो वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जैसे कि वे पत्नी को उससे घृणित करने वाले हों, या उन दोनों के बीच आनंद उठाने में रूकावट बनते हों, या उसके अपनी पत्नी के अधिकारों को पूरा करने में गड़बड़ी पैदा करते हों।

इस आधार पर :

यदि गंजापान थोड़ा, व्यावहारिक और प्रचलित है, तो आपके लिए उसे बयान करना ज़रूरी नहीं है।

परंतु यदि गंजापन संपूर्ण रूप से है, जो घृणा का कारण बन सकता है, या शादी के बारे में महिला के फैसले को प्रभावित कर सकता है, तो ऐसी स्थिति में उसे छिपाना जायज़ नहीं है ; क्योंकि यह धोखा और छल है।

आपके लिए बाल प्रत्यारोपण करवाने के लिए सर्जरी करवाने में कोई आपत्ति की बात नहीं है, और इसके द्वारा इन शा अल्लाह द्वोष समाप्त हो जायेगा।

अधिक जानकारी के लिए प्रश्न संख्या (13215) और (47664) का उत्तर देखें।

और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।

साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर
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