Wed 16 Jm2 1435 - 16 April 2014
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रमज़ान के महीने में क़ुर्आन का पाठ करना सर्वश्रेष्ठ है या नमाज़ पढ़ना ?

रमज़ान के महीने के दिन में कौन सा अमल सर्वश्रेष्ठ (सबसे अफज़ल) है ? क़ुर्आन करीम की तिलावत करना या नफली नमाज़ पढ़ना ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।

रमज़ान के महीने में आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तरीक़ा अधिक से अधिक अनेक प्रकार की उपासनायें (इबादतें) करना था। तथा जिब्रील अलैहिस्सलाम रमज़ान में रात के समय आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को क़ुर्आन का दौर करवाते (दोहरवाते) थे। और जब जिब्रील आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से मिलते थे तो आप तेज़ हवा से भी अधिक भलाई के कामों में सखावत (दानशीलता का प्रदर्शन) करने वाले हो जाते थे। जबकि आप लोगों में सब से अधिक दानशील थे। और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सब से अधिक दान शील रमज़ान में होते थे; उसमें अधिक से अधिक सदक़ा व ख़ैरात करते, लोगों के साथ एहसान करते, क़ुर्आन की तिलावत करते, नमाज़ पढ़ते, ज़िक्र व अज़कार करते और एतिकाफ करते थे। इस अध्याय में और इस उदार और दानशील महीने में आप का यही तरीक़ा था।

जहाँ तक कु़र्आन पढ़ने वाले की तिलावत और नफ्ल नमाज़ पढ़ने वाले की नमाज़ के बीच तुलना करना और उन में से किसी एक को दूसरे पर फज़ीलत और प्राथमिकता देने की बात है, तो यह लोगों की स्थितियों के बदलने के साथ बदलता और भिन्न होता रहता है, और इसका अनुमान और आंकलन करना अल्लाह सर्वशक्तिमान की तरफ लौटता है। क्योंकि वह हर चीज़ को अपने ज्ञान से घेरे हुए है।

शैख अब्दुल अज़ीज़ बिन बाज़ की किताब "अल-जवाबुस्सहीह मिन अहकामि सलातिल्लैल वत्तरावीह" पृ. 45

कभी कभार एक निर्धारित अमल किसी व्यक्ति के हक़ में सर्वश्रेष्ठ होता है, जबकि उसके अलावा कोई अन्य अमल किसी दूसरे व्यक्ति के हक़ में सर्वश्रेष्ठ होता है इस हिसाब से कि वह अमल उसके करने वाले को अल्लाह सर्वशक्तिमान से कितना निकट करता है। चुनांचि कुछ लोग नफ्ल नमाज़ों से प्रभावित होते हैं और उस में विनम्रता (खुशू व खुज़ू ) का अनुभव करते हैं। इसके कारणवश वह उन्हें अन्य अमलों की अपेक्षा अल्लाह से अधिकतर निकट कर देती है और इस प्रकार वह उनके हक़ में सर्वश्रेष्ठ होती हैं। और अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखता है।

शैख मुहम्मद सालेह अल-मुनज्जिद
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