मंगलवार 21 ज़ुलक़ादा 1440 - 23 जुलाई 2019
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क्या मस्जिद के इमाम के लिए ज़कातुल फित्र एकत्रित करना जाइज़ है, और उसे कहाँ बाँटा जायेगा ?

प्रश्न

ज़कातुल फित्र कब निकाली जायेगी और उस का वितरण कहाँ किया जायेगा ? और क्या उसे मस्जिद के इमाम की तरफ से एकत्रित करना फिर उसे उसके हक़दारों पर वितरित करना चाहे कुछ समय के बाद ही क्यों न हो, जाइज़ है ? और क्या यह मुद्रा स्फीति (मुद्रा विस्तार) के अधीन है ? और क्या उसे उदाहरण के तौर पर अफगानिस्तान में जिहाद करने वालों को भेजना या उसे उदाहरण के तौर पर मस्जिद के निर्माण के कोष में देना जाइज़ है ?

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।

ज़कातुल फित्र के निकालने का समय ईदुल फित्र की रात से ईद की नमाज़ के पहले तक है।

तथा उसे इस से एक या दो दिन पहले निकालना जाइज़ है। उसे उसके निकालने वाले के देश में गरीब मुसलमानों को दिया जायेगा, तथा उसे किसी दूसरे देश के गरीबों को स्थानांतरित करना जाइज़ है जिसके वासी अधिक़ ज़रूरतमंद हों। मस्जिद के इमाम और उसके समान अमानतदार (विश्वसनीय) आदमी के लिए उसे एकत्रित करना फिर उसे गरीबों पर वितरित करना जाइज़ है, इस शर्त के साथ कि वह ईद की नमाज़ से पहले उसके हक़दारों तक पहुँच जाये। तथा उसकी मात्रा मुद्रा स्फीति के अधीन नहीं है, बल्कि शरीअत ने उसकी मात्रा एक साअ़ निर्धारित की है। और जिस आदमी के पास अपने लिए एवं जिसका खर्च उसके ऊपर अनिवार्य है उसके लिए मात्र ईद के दिन का भोजन (आहार) है तो उस से ज़कातुल फित्र समाप्त हो जायेगा। तथा उसे मस्जिद के निर्माण या परोपकारी कार्यों में लगाना जाइज़ नहीं है।

और अल्लाह तआला ही तौफीक़ प्रदान करने वाला (शक्ति का स्रोत) है।

स्रोत: इफ्ता और वैज्ञानिक अनुसंधान की स्थायी समिति के फतावा (9/369) से।

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