मंगलवार 16 रमज़ान 1440 - 21 मई 2019
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गर्भनिरोधक गोलियों के कारण मासिक धर्म में विकार

प्रश्न

मैं कुछ चिकित्सा समस्याओं के कारण जन्म नियंत्रण गोलियों का उपयोग करती हूँ। मैं इन गोलियों में से कुछ गोलियाँ लेना भूल गयी और अब मुझे खून बह रहा है। मैं उस खून बहने के दो दिनों में नमाज़ पढ़ती हूँ, लेकिन मैं दोषी महसूस करती हूँ। इस मामले में सही राय क्या हैॽ कृपया इस बात को ध्यान में रखें कि मैं इन गोलियों का उपयोग चिकित्सा समस्याओं के कारण कर रही हूँ, तथा मेरे पति भी इस बारें में पूरी तरह से अवगत हैं। अब या तो मैं इन गोलियों का सेवन करूँ या स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करूँ। अल्लाह आपको अच्छा बदला प्रदान करे।

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

सर्व प्रथम :

महिला के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग केवल दो शर्तों का साथ ही करना उचित है :

पहली शर्त : उसे इसकी आवश्यकता हो, जैसे कि वह बीमार या कमज़ोर हो और गर्भावस्था उसकी बीमारी या कमज़ोरी को बढ़ाने का कारण बनती हो।

दूसरी शर्त : यह है कि पति ने उसे इसकी अनुमति प्रदान की हो, क्योंकि पति को बच्चे पैदा करने का अधिकार प्राप्त है।

फिर इसके साथ-साथ, इन गोलियों का उपयोग करने के बारे में भरोसेमंद डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए कि ये उसकी स्वास्थ्य स्थिति के लिए कितनी उपयुक्त हैं और क्या इनका उसके ऊपर भविष्य में कोई नुक़सान है या नहीं हैॽ

तथा प्रश्न संख्याः (21169) के उत्तर में शैख़ मुहम्मद बिन उसैमीन रहिमहुल्लाह से इसका उद्धरण उल्लेख किया जा चुका है।

दूसरा :

जहाँ तक इस खून के बहने के हुक्म, और इस स्थिति में नमाज़ पढ़ने और रोज़ा रखने के प्रावधान का संबंध है, तो यह बात ज्ञात है कि इन गोलियों का उपयोग महिलाओं के मासिक धर्म में विकार पैदा करता है, अतः वह बढ़ सकता है, या पहले आ सकता है।

विद्वानों ने इस विषय में मतभेद किया है कि : क्या इसे मासिक धर्म माना जाएगा या नहींॽ

शैख इब्ने उसैमीन रहिमहुल्लाह ने इस मत को अपनाया है कि इन गोलियों की वजह से मासिक धर्म की अवधि में वृद्धि को मासिक धर्म समझा जाएगा। आप रहिमहुल्लाह का कहना है :

"इन गोलियों की हानियों में से यह है कि: वे महिला के मासिक धर्म की आदत में विकार पैदा कर देती हैं और उसे शंका और असमंजस में डाल देती हैं, इसी तरह मुफ़्तियों को भी शंका और असमंजस में डाल देती हैं; क्योंकि वे लोग इस खून के बारे में नहीं जानते हैं जो उसपर बदल गया है कि वह मासिक धर्म है या नहीं हैॽ

इस आधार पर : यदि उसकी आदत यह है कि उसे पाँच दिन मासिक धर्म आता है और उसने गर्भधारण को रोकने के लिए गोलियाँ इस्तेमाल कर लीं, फिर उसकी आदत में वृद्धि हो गई, तो यह वृद्धि असल (मूल) के अधीन होगी। इसका अर्थ यह है कि उस (वृद्धि) पर मासिक धर्म होने का हुक्म लगाया जाएगा जबतक कि वह (वृद्धि) पंद्रह दिनों से अधिक नहीं हो जाती है। यदि वह पंद्रह दिनों से अधिक हो जाती है, तो वह इस्तिहाज़ा हो जाएगी, और उस समय वह अपनी पहली आदत पर लौट आएगी, जो कि पाँच दिन है।” उद्धरण का अंत हुआ।

"फतावा नूरुन अलद-दर्ब" (123/1).

इफ़्ता की स्थायी समिति के विद्वानों ने इस मत को चुना है कि : महिला इन गोलियों के कारण आने वाले खून को देखे गी, यदि उसमें मासिक धर्म के रक्त के गुण पाए जाते हैं तो वह मासिक धर्म का रक्तस्राव है, और यदि उसमें सामान्य रक्त के गुण पाए जाते हैं तो वह खून बह रहा है, मासिक धर्म नहीं है।

उनसे यह प्रश्न किया गया था कि :

वर्तमान दिनों में, महिलाएं कृत्रिम गर्भ निरोधकों जैसे गोलियों और आईयूडी का उपयोग करती हैं। कोई भी डॉक्टर आईयूडी लगाने या गोलियाँ देने से पहले, महिला को दो गोलियाँ देता है यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिला गर्भवती नहीं है। इस स्थिति में, अगर वह गर्भवती नहीं है तो उसे रक्त आना आवश्यक है।

प्रश्न यह है कि : यह रक्त जो उसे कुछ दिनों के दैरान आता है क्या उसका हुक्म नमाज़, रोज़ा और संभोग छोड़ने में मासिक धर्म के रक्त का हुक्म हैॽ ज्ञात रहे कि इस रक्त के आने की अवधि उसके सामान्य मासिक धर्म का समय नहीं है।

इसी तरह आईयूडी डालने या गोलियों का उपयोग करने के बाद कुछ महिलाओं के मासिक धर्म चक्र की प्रणाली में परिवर्तन आ जाता है। चुनाँचे गर्भनिरोधक के उपयोग के बाद (मासिक धर्म की अवधि में) अचानक वृद्धि हो जाती है यहाँ तक कि उनमें से कुछ महिलाएं महीने के दौरान एक सप्ताह से अधिक साफ नहीं रहती हैं, और उन्हें लगातार तीन सप्ताह तक रक्त आता रहता है और वह गिरने वाला रक्त वही रक्त होता है जो मासिक धर्म के दौरान आता है। इसी तरह वह वही रक्त होता है जो गर्भ के न होने को सुनिश्चित करने के लिए दो गोलियाँ लेने के उपरांत आता है, जैसा कि पिछले प्रश्न में है।

सवाल यह है किः तीन सप्ताह की इस अवधि के दौरान महिला पर क्या नियम लागु होगा, क्या उसका हुक्म मासिक धर्म का हैॽ अथवा क्या वह गर्भनिरोधक का उपयोग करने से पहले की अपनी एक हफ्ते या दस दिन की आदत का प्रतिबद्ध होगीॽ

तो उन्होंने जवाब दिया :

“यदि दो गोलियाँ लेने के बाद जो खून आया है वह महिलाओं की ज्ञात आदत का खून है, तो वह मासिक धर्म का रक्त है जिसके समय वह रोज़ा और नमाज़ छोड़ देगी। और यदि ऐसा मामला नहीं है, तो इसे मासिक धर्म का खून नहीं माना जाएगा जो नमाज़, रोज़ा और संभोग से रोक देता है; क्योंकि वह केवल गोलियाँ लेने की वजह से आया है।” उद्धरण समाप्त हुआ।

“फतावा सथायी समिति” (5/402)।

शैख इब्ने उसैमीन रहिमहुल्लाह के बारे में उल्लेख किया गया है कि उनसे उस मासिक धर्म के बारे में पूछा गया जो गर्भनिरोधक गोलियाँ इस्तेमाल करने से उत्पन्न होता है, तो उन्होंने कहा :

“महिला को चाहिए कि वह डॉक्टर से पूछे। यदि वह कहे कि यह मासिक धर्म है तो उसे मासिक धर्म माना जाएगा, और अगर वह कहे किः ये इन गोलियों का रस है, तो उसे मासिक धर्म नहीं समझा जाएगा।”

“फतावा व दुरूस अल-हरम अल-मक्की, लिश्शैख इब्न उसैमीन” 2/284 से उद्धरण समाप्त हुआ।

यह एक अच्छा कथन है, और इन शा अल्लाह, इससे समस्या समाप्त हो जाएगी।

स्रोत: साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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