सोमवार 20 ज़ुलक़ादा 1440 - 22 जुलाई 2019
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स्वर्गवासियों का पहला भोजन मछली का जिगर क्यों है ॽ

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प्रकाशन की तिथि : 06-02-2013

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प्रश्न

मछली का जिगर स्वर्गवासियों का पहला भोजन क्यों है ॽ मैं ने सुना है कि वह पेट को पवित्र और साफ करता है, क्या यह सही है या नहीं ॽ हमें अवगत करायें अल्लाह तआला आपको ज्ञान से सम्मानित करे और सर्वश्रेष्ठ बदला प्रदान करे।

उत्तर का पाठ

सर्व प्रथम :

सही हदीस में प्रमाणित है कि जन्नत के लोगों का आतिथ्य उनके प्रथम प्रवेश के समय मछली के जिगर का अतिरिक्त भाग होगा,और यह पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के मौला सौबान रज़ियल्लाहु अन्हु की हदीस में है कि यहूदियों का एक विद्वान नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आया और आप की जाँच करने के लिए कुछ चीज़ों के बारे में प्रश्न करने लगा,चुनाँचे उसकी हदीस में वर्णित हुआ है :

“यहूदी ने कहा: जब वे स्वर्ग में प्रवेश करेंगे तो उनका तोहफा क्या होगा ॽ

आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : “मछली के जिगर का बढ़ा हुआ हिस्सा।”

उसने कहा : इसके बाद उनका भोजन क्या होगा ॽ

आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : “उनके लिए स्वर्ग का वह बैल क़ुर्बान किया जायेगा जो जन्नत के किनारों से खाता था।”

उसने कहा : तो उसपर उनका पीना क्या होगा ॽ

आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : एक ऐसे चश्में से जिसका नाम सलसबील है . . . हदीस के अंत तक।) इसे मुस्लिम (हदीस संख्या :315)ने रिवायत किया है।

इमाम नववी रहिमहुल्लाह ने फरमाया :

“हदीस का शब्द : (फमा तोहफतोहुम) तोहफा उस चीज़ को कहते हैं जो आदमी को उपहार में भेंट किया जाता है, उसके लिए विशिष्ट कर दिया जाता है और उस पर लुत्फ व करम के तौर पर उसे पेश किया जाता है,तथा इब्राहीम अल-हलबी ने कहा : यह अप्राप्य फल को कहते हैं। “शरह मुस्लिम” (3/227) से समाप्त हुआ।

तथा उन्हों ने यह भी कहा:

“रही बात “नून” की तो वह विद्वानों की सर्वसहमति के साथ मछली है . . . जहाँ तकह जिगर की वृद्धि का संबंध है तो वह जिगर में एक टुकड़ा है जो उसमें सबसे अच्छा होता है।”“शर्ह मुस्लिम” (17/135-136) से अंत हुआ।

इस बात का सबूत सहीह बुखारी व सहीह मुस्लिम और सुनन की किताबों में अन्य हदीसों के अंदर भी वर्णित हुआ है। हम ने इस हदीस का चयन इसलिए किया है कि इसके अंदर स्वर्गवासियों की पहली आतिथ्य जो कि मछली के जिगर की वृद्धि है और उनके उस आहार के बीच अंतर किया गया है जो वे उसके बाद भोजन करेंगे,जो कि “स्वर्ग के बैल” का मांस है।

दूसरा :

हमें किसी ऐसे प्रमाण की जानकारी नहीं है जो “मछली के जिगर की वृद्धि” को जन्नत वालों के पहले भोजन के तौर पर विशिष्ट करने की हिक्मत (तत्वदर्शिता) को दर्शाता हो,किंतु हम इस बात पर विश्वास रखते हैं कि अल्लाह के लिए महान हिक्मत है,और अल्लाह सर्वशक्तिमान ज्ञान और हिक्मत वाला है,और उसने अपने बारे में फरमाया है :

وَرَبُّكَ يَخْلُقُ مَا يَشَاءُ وَيَخْتَارُ مَا كَانَ لَهُمُ الْخِيَرَةُ سُبْحَانَ اللَّهِ وَتَعَالَى عَمَّا يُشْرِكُونَ [القصص : 68].

“और आपका पालनहार जो चाहता है पैदा करता है और जिसे चाहता है चुन लेता है,उनके लिए चयन करने का कोई अधिकार नहीं है,अल्लाह ही के लिए पाकी है और वह सर्वोच्च है हर उस चीज़ से जिसे लोग साझा करते हैं।” (सूरतुल क़सस : 68)

किंतु हम कुछ विद्वानों के विशिष्ट रूप से मछली के जिगर की वृद्धि को चयन करने की हिक्मत के बारे में मननचिंतन करने के प्रयास का इनकार नहीं करता हैं,चुनाँचे कुछ विद्वानों ने कहा है कि इसमें दुनिया के अंत की ओर संकेत है जो नश्वर घर है,और जन्नत की ओर स्थानांतरित होने की ओर संकेत है जो कि ठहरने का घर है,क्योंकि मछली जलीय जानवरों में से है जो धरती पर जीवन के तत्व को दर्शाता है,और बैल जंगली जानवरों में से है जो धरती में खेती और कमाई को इंगित करता है,अतः जन्नत वालों को उन दोनों चीज़ों से खिलाना दुनिया के अंत और आखिरत के आरंभ को इंगित करता है।

आलूसी की किताब “रूहुल मआनी” (7/94)देखें।

तीसरा :

जहाँ तक दुनिया वालों के खाने में मछली के जिगर की वृद्धि के औषधीय लाभ का प्रश्न है तो वे बहुत अधिक हैं,जिनका उल्लेख डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ करते हैं,उन्हीं में से कुछ : रक्त में कोलेस्ट्राल के अनुपात को कम करना,शरीर में वसा को कम करना,जोड़ों के दर्द को कम करना,तथा विटामिन डी से युक्त होना है जिसके बहुत अधिक लाभ हैं।

और जो व्यक्ति इस बारे में विस्तार के साथ जानकारी चाहता है वह इस विषय में विशिष्ट हवालों (संदर्भों) को देखे।

स्रोत: साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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