जरूरत पड़ने पर खाना चखना और गलती से उसे निगल जाना

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प्रश्न 26837

मेरी पत्नी ने मुझे इफ्तार बनाने में मदद करने के लिए कहा, और जब मैं उसकी मदद कर रहा था तो मैंने भूलकर खाने का नमक चख लिया। क्या ऐसा करने से मेरा रोज़ा टूट गयाॽ क्योंकि मैंने एक ऐसा काम किया है जो शरीअत या प्रथा के अनुसार मुझ पर अनिवार्य नहीं था। अल्लाह आपकी रक्षा करे।

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

रोज़ेदार के लिए ज़रुरत पड़ने पर खाना चखने में कोई आपत्ति की बात नहीं है, इस प्रकार कि वह उसे अपनी ज़बान के किनारे पर लगाए, फिर उसे थूक दे और अपने मुँह से बाहर निकाल दे और उसमें से कुछ भी न निगले। चाहे रोज़ा रखने वाला आदमी हो या महिला।

लेकिन अगर रोज़ेदार भूलकर उसमें से कुछ निगल जाए, तो उसपर कोई गुनाह नहीं है और उसे अपना रोज़ा पूरा करना चाहिए। क्योंकि शरीयत में भूलनेवाले व्यक्ति के क्षम्य होने को इंगित करने वाले प्रमाणों का अर्थ सामान्य है। तथा नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का फरमान है : "जो कोई भूलकर खा ले या पी ले और वह रोज़ेदार हो, तो उसे अपना रोज़ा पूरा करना चाहिए, क्योंकि उसे अल्लाह ने खिलाया और पिलाया है।” (सही बुख़ारी, हदीस संख्या : 1399, मुस्लिम, हदीस संख्या : 1155)।

और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।

संदर्भ

रोज़े को अमान्य करने वाली चीज़ें

स्रोत

साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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