शुक्रवार 7 सफ़र 1442 - 25 सितंबर 2020
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जूते पहन कर तवाफ करने का हुक्म

प्रश्न

अल्लाह सर्वशक्तिमान की कृपा से, मैं ने इस साल हज्ज किया है और तवाफे इफाज़ा के समय मैं ने तवाफ तो किया लेकिन मैं जूते पहने हुए थी, तथा मैं ने सई भी जूते पहन कर की थी, तो क्या यह जाइज़ है ? और अगर जाइज़ नहीं है तो फिर क्या होगा ? क्या मुझे फिर से तवाफ़ और सई करनी होगी ?
हमें इस से अवगत करायें, अल्लाह आप को ज्ञान प्रदान करे और आप को सर्वश्रेष्ठ बदला दे।

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह तआला के लिए योग्य है।.

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

जूते पहन कर तवाफ करना जाइज़ है यदि वह पाक व साफ है, तथा हदीस में कभी कभार जूते पहन कर नमाज़ पढ़ने का आदेश आया है, और जब जूते पहन कर नमाज़ पढ़ना जाइज़ है, तो तवाफ और सई करना और अधिक जाइज़ है, तथा अधिक जानकारी के लिए प्रश्न संख्या: (69793) का उत्तर देखें।

जबकि बेहतर और सर्वश्रेष्ठ यह है कि जूते पहन कर तवाफ न किया जाए, ताकि वह व्यक्ति जो सफाई की परवाह नहीं करता है और गंदगी से नहीं बचता है, उसका अनुकरण न करे, और यह मस्जिद को गंदा और नापाक करने का कारण न बने।

कभी कभी मोहरिम (हज्ज या उम्रा करने वाले) को उसके पैर में घाव वग़ैरह होने के कारण जूते पहन कर तवाफ और सई करने की आवश्यकता पड़ती है, ऐसी स्थिति में उसके लिए जूते पहन कर तवाफ करने में कोई हरज की बात नहीं है जबकि वह इस बात को सुनिश्चित कर ले कि दोनों जूते पाक व साफ हैं ;क्योंकि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का फरमान है : ‘‘जब तुम में से कोई व्यक्ति मस्जिद में आए तो उसे देखना चाहिए, यदि वह अपने जूते में कोई गंदगी या अशुद्धता देखे तो उसे साफ करले और उसमें नमाज़ पढ़े।” इसे अबू दाऊद (हदीस संख्या : 555) ने रिवायत किया है और शैख अल्बनी रहिमहुल्लाह ने सही कहा है।

स्रोत: साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर