सोमवार 11 रबीउलअव्वल 1440 - 19 नवंबर 2018
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उसने तलाक़ का इरादा किया लेकिन मुँह से नहीं बोले तो क्या तलाक़ हो जायेगी ?

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प्रकाशन की तिथि : 27-05-2011

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प्रश्न

यदि किसी व्यक्ति ने एक दूसरे आदमी के सामने यह घोषणा किया कि वह अपनी पत्नी को तलाक़ देना चाहता है, तो क्या तलाक़ संपन्न हो जायेगी ? उसने तलाक़ का शब्द नहीं बोला है, बल्कि उसने यह कहा है कि वह अपनी पत्नी को तलाक़ दे देगा और वह इसका इरादा रखता है किंतु उसने ऐसा किया नहीं है, तो क्या शादी अभी तक बरक़रार है ?

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

जब पति ने (अभी तक) तलाक़ का शब्द नहीं बोला है, तो यह तलाक़ नहीं होगी, क्योंकि मात्र नीयत (इरादा) करना तलाक़ देने के लिए काफी नहीं है ;और यही जम्हूर उलमा (विद्वानों की बहुमत) का कथन है, जैसाकि हाफिज़ इब्ने हजर ने फत्हुल बारी (9 / 394) में उल्लेख किया है और इब्ने क़ुदामा ने अल-मुग्नी (7 / 121) में सामान्य विद्वानों से वर्णन किया है। इन लोगों ने इस पर उस हदीस से प्रमाण स्थापित किया है जिसे बुखारी (हदीस संख्या: 2528) और मुस्लिम (हदीस संख्या: 327)ने अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत किया है कि उन्हों ने कहा: अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया: "अल्लाह तआला ने मेरी उम्मत से उस चीज़ को क्षमा कर दिया है जो उनके दिलों कल्पनायें पैदा होती हैं जब तक कि वे उस पर अमल न करें या मुँह से बाहर न निकालें।"हदीस के एक रावी (वर्णन करने वाले) क़तादा ने कहा: यदि आदमी अपने मन में तलाक़ दे दे तो वह कोई चीज़ नहीं है।

शैख इब्ने बाज़ कहते हैं:

मात्र नीयत (इरादा) से तलाक़ नहीं पड़ती है, बल्कि मुँह से बोलने या लिखने से पड़ती है। उन्हों ने पिछली हदीस से दलील पकड़ी है। फतावा इस्लामिया (3 / 279)

स्रोत: साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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