गैर-इस्लामी देशों में मौजूद मुसलमानों के लिए ऐसी समिति गठित करना जायज़ है जो रमज़ान, शव्वाल और ज़ुल-हिज्जा के चाँद को साबित करने की ज़िम्मेदारी निभाए।
क्या पश्चिमी देशों में रहने वाले मुसलमान को चाँद देखने के लिए समिति गठित कर लेना चाहिए
प्रश्न 2511
क्या गैर-इस्लामी देशों में रहने वाले मुसलमानों के लिए एक ऐसी समिति गठित करना जायज़ है जो रमज़ान, शव्वाल और ज़ुल-हिज्जा के चाँद को साबित करे या ऐसा करना जायज़ नहीं है ?
उत्तर का पाठ
हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :
चाँद देखना
स्रोत:
फतावा स्थायी समिति 10/112