सोमवार 11 ज़ुलक़ादा 1442 - 21 जून 2021
हिन्दी

किसी युवा के लिए अपनी मँगेतर के साथ एकांत में होना जायज़ नहीं है

प्रश्न

क्या एक मुस्लिम युवा के लिए शादी से पहले किसी लड़की के साथ डेट पर बाहर जाना जायज़ हैॽ यदि वे ऐसा करते हैं, तो उनके इस कार्य का क्या परिणाम होगाॽ शादी से पहले एक पुरुष और एक महिला के बाहर निकलने के बारे में इस्लाम क्या कहता हैॽ

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह तआला के लिए योग्य है।.

पुरुष के लिए एक ऐसी महिला के साथ एकांत में होना जायज़ (स्वीकार्य) नहीं है, जो उसके लिए हलाल नहीं है। क्योंकि यह अनैतिक और बुरे कार्यों में पड़ने का कारण है। नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : “जो भी पुरुष किसी (गैर-महरम) औरत के साथ एकांत में (अकेला) होता है, तो उन दोनों के साथ तीसरा शैतान होता है।”

यदि वह शादी करने का पक्का इरादा रखने की स्थिति में, उसे देखने के लिए ऐसा करना चाहता है, और वह उसके साथ एकांत में (अकेला) नहीं होता है, इस प्रकार कि उसके साथ उसका पिता, या उसका भाई, या उसकी माँ आदि उपस्थिति हों, तथा वह उसके शरीर के उन्हीं भागों को देखे, जो अक्सर दिखाई देते हैं, जैसे चेहरा, बाल, हथेलियाँ और पैर, तो यह सुन्नत की अपेक्षा है, लेकिन इस शर्त के साथ कि फितना (प्रलोभन) का डर न हो।

स्रोत: शैख वलीद अल-फ़ुरैयान