वर्गीकरण वृक्ष
कर्मों के गुण (विशेषतायें)
दुनिया और आख़िरत में हाफ़िज़े-क़ुरआन की विशेषताएँ
हाफ़िज़े-क़ुरआन को दुनिया और आख़िरत में जो विशेषताएँ प्राप्त होती हैं, उनमें से कुछ ये हैं : • उसे नमाज़ पढ़ाने में दूसरों पर प्राथमिकता दी जाती है, अर्थात् वह लोगों का इमाम होता है। • मृत्यु के बाद जब उसे क़ब्र में रखा जाता है, तो क़िबला (मक्का में स्थित काबा) की दिशा में उसका स्थान दूसरों से आगे होता है। • यदि वह नेतृत्व और प्रशासन की क्षमता रखता हो, तो उसे नेतृत्व की ज़िम्मेदारी सौंपने में प्राथमिकता दी जाती है। • आख़िरत में उसका वास्तविक दर्जा उस अंतिम आयत के अनुसार होगा जिसे उसने याद रखा था। • वह जन्नत में फ़रिश्तों के साथ उनके स्थानों में उनका साथी बनकर रहेगा। • उसे सम्मान का मुकुट और सम्मान का वस्त्र पहनाया जाएगा।सहेजेंरमज़ान के महीने में क़ुरआन ख़त्म करना मुसतहब है
सहेजेंपाँचों समय की नमाज़ों की पाबंदी करने ओर उन्हें आदेश के अनुसार अदा करने वाले की विशेषता
सहेजेंफ़ज़ायले-आमाल (कर्मो के गुण) लोगों के अधिकारों का कफ्फारा (परायश्चित) नहीं बन सकते
सहेजेंजिसने कोई ज्ञान सिखाया फिर उसपर अमल किया गया, तो उसे क़ियामत के दिन तक हर उस व्यक्ति के समान प्रतिफल मिलेगा जिसने उसे उसके माध्यम से सीखा और उसपर अमल किया है
सहेजेंअगर अल्लाह ने किसी को अपनी पुस्तक याद करने की तौफ़ीक़ प्रदान की है, तो क्या इसका मतलब यह है कि अल्लाह ने उसके साथ भलाई का इरादा किया हैॽ
सहेजेंजिस व्यक्ति ने क़ुरआन का कुछ हिस्सा याद किया फिर उसे भूल गया उसे क्या करना चाहिए?
सहेजेंज़रूरत और अकाल के समय दान करना नफली उम्रा करने से बेहतर है
सहेजेंक्या मृत्यु की पीड़ा आदमी के पापों को कम करती है?
सहेजेंजो व्यक्ति कोई पेड़ लगाता है, उसका प्रतिफल उसकी मृत्यु के बाद भी जारी रहता है
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