वुज़ू में नाक में पानी चढ़ाना अनिवार्य है

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प्रश्न 1197

मैंने नमाज़ के लिए वुज़ू किया। नमाज़ के दौरान मुझे याद आया कि मैंने नाक में पानी नहीं चढ़ाया था। मेरे वुज़ू और नमाज़ का क्या हुक्म है?

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

वुज़ू में नाक में पानी चढ़ाना अनिवार्य है, क्योंकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का स्वयं ऐसा करना और इसका आदेश देना प्रमाणित है।

आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : “जो व्यक्ति वुज़ू करे, उसे चाहिए कि वह नाक में पानी चढ़ाकर उसे बाहर निकाले।” इसे इमाम बुख़ारी और इमाम मुस्लिम ने रिवायत किया है।

इसी प्रकार नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का यह कथन भी है :

“जो व्यक्ति वुज़ू करे, उसे चाहिए कि वह नाक में पानी चढ़ाए।” और जो व्यक्ति नाक में पानी न चढ़ाए, उसका वुज़ू सही नहीं है। इसलिए आप पर वुज़ू दोबारा करना और नमाज़ फिर से पढ़ना अनिवार्य है।

संदर्भ

वुज़ू

स्रोत: 

“फतावा स्थायी समिति” ( 5/209)

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