बुधवार 22 ज़ुलक़ादा 1440 - 24 जुलाई 2019
हिन्दी

मग़रिब की फर्ज़ नमाज़ और उसकी सुन्नत के बाद खाना

प्रश्न

रमज़ान के महीने में मगरिब की नमाज़ में रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खजूर खाते थे, फिर जमाअत के साथ मगरिब की नमाज़ पढ़ते थे। प्रश्न यह है कि क्या अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फर्ज़ नमाज़ अदा करने के बाद पहले सुन्नत पढ़ते थे या पहले इफ्तार करते थे ? यह प्रश्न इस वजह से है कि मैं सुन्नतों को पूरी तरह से अदा करने के लिए लालायित हूँ।

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तरीक़ा सबसे संपूर्ण तरीक़ा था, आप जब रोज़े से होते थे तो अपने इफ्तार का आरंभ रूतब खाकर करते थे, यदि वह उपलब्ध नहीं होता तो खजूर से, यदि वह उपलब्ध नहीं होता तो पानी पीते थे। फिर उसके बाद मस्जिद में फर्ज़ की नमाज़ पढते थे और उसकी सुन्नत को घर पर पढ़ते थे।

अनस बिन मालिक कहते हैं : अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम नमाज़ पढ़ने से पहले रूतब पर इफ्तार करते थे। यदि वे उपलब्ध न होते तो तो खजूरों पर, और अगर वे भी न होते तो चंद घूँट पानी पी लेते थे।

इसे अबू दाऊद (हदीस संख्या : 2356) ने रिवायत किया है। और दारक़ुत्नी ने अपनी सुनन (2/185) में इसे सहीह कहा है और अल्बानी ने ''इरवाउलगलील'' (4/45) में हसन कहा है।

अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा से वर्णित है कि अल्लाह के पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ज़ुहर से पहले दो रकअतें और उसके बाद दो रकअतें और मगरिब के बाद दो रकअतें अपने घर में और इशा के बाद दो रकअतें पढ़ते थे। तथा जुमा के बाद नमाज़ नहीं पढ़ते थे यहाँ तक कि वापस लौट आते तो दो रकअत नमाज़ पढ़ते थे।

इसे बुखारी (हदीस संख्या : 895) -और शब्द उन्हीं के हैं - और मुस्लिम (हदीस संख्या : 729) ने रिवायत किया है।

प्रश्न के विषय में हम कोई विशिष्ट सुन्नत नही जानते हैं, और - वास्तव में - हम इस बात को जानते ही नहीं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मगरिब की नमाज़ के बाद कोई चीज़ खाते थे। और जब मुसलमान अपने घर वापस आए और खाना रखा हुआ पाए और उसे इस बात का डर हो कि उसका दिल नमाज़ पढ़ते हुए उसमें लगा रहेगा, तो पहले उसे खाना चाहिए फिर मगरिब की सुन्नत पढ़नी चाहिए, और मगरिब की सुन्नत का समय उसके फर्ज़ के साथ ही समाप्त हो जाता है।

स्रोत: साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

प्रतिक्रिया भेजें