नमाज़ पढ़ते समय छींक आने के बाद अल-हम्दु लिल्लाह कहने का हुक्म

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प्रश्न 103435

अगर कोई व्यक्ति नमाज़ पढ़ रहा हो और उसे छींक आ जाए, तो क्या वह अल-हम्दु लिल्लाह कहेगा, चाहे वह फ़र्ज़ नमाज़ हो या नफ्ल?

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

हाँ,  उसके लिए ‘अल-हम्दु लिल्लाह’ कहना धर्मसंगत है। क्योंकि सहीह हदीस में यह प्रमाणित है कि “नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी को नमाज़ में छींक आने के बाद ‘अल-हम्दु लिल्लाह’ कहते सुना, तो उसका खंडन नहीं किया। बल्कि आपने कहा : “मैंने इतने और इतने फ़रिश्तों को देखा कि वे उसकी ओर जल्दी कर रहे थे कि कौन उसे (पहले) लिख ले।” और क्योंकि अल्लाह की प्रशंसा करना नमाज़ के ज़िक्र के समान है, और उसके विपरीत नहीं है।”

“मजमूओ फतावा अश-शैख इब्न बाज़” (29/348)।

संदर्भ

छींकने के शिष्टाचार
नमाज़ के अहकाम

स्रोत

साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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