यदि पुरुष और महिला क़ुर्बानी करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने बालों और नाखूनों को काटने से बचना चाहिए

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प्रश्न 83381

क्या उस व्यक्ति के लिए जो क़ुर्बानी (बलिदान) करने का इरादा रखता है, चाहे वह पुरुष हो या महिला, अपने बालों और नाखूनों को काटना जायज़ हैॽ तथा ज़ुल-हिज्जा का नया चाँद निकलने के बाद क्या चीजें वर्जित हो जाती हैंॽ

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

जब ज़ुल-हिज्जा का नया चाँद प्रकट हो जाए, तो उस व्यक्ति के लिए जो क़ुर्बानी करना चाहता है अपने बालों या नाखूनों या त्वचा से कुछ भी काटना हराम हो जाता है। क्योंकि इमाम मुस्लिम (हदीस संख्या : 1977) ने उम्मे सलमह रज़ियल्लाहु अन्हा से रिवायत किया है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : ''जब तुम ज़ुल-हिज्जा का नया चाँद देख लो और तुम में से कोई व्यक्ति क़ुर्बानी करना चाहे, तो वह अपने बाल और नाखून (काटने) से रुक जाए।''  और एक रिवायत के शब्द यह हैं कि : ''जब (ज़ुल-हिज्जा के) दस दिन शुरू हो जाएं और तुम में से कोई क़ुर्बानी करना चाहे, तो वह अपने बाल और त्वचा में से किसी चीज़ को न छुए।''

इमाम नववी रहिमहुल्लाह फरमाते हैं : “विद्वानों ने उस व्यक्ति के बारे में मतभेद किया है जिस पर ज़ुल-हिज्जा के दस दिन शुरू हो गए और वह क़ुर्बानी करना चाहता है। चुनांचे सईद इब्नुल मुसैयिब, रबीआ, अहमद, इसहाक़, दाऊद और शाफेई के कुछ साथियों का कहना हैः उसके लिए अपने बाल और नाखूनों से कुछ भी काटना हराम है यहाँ तक कि वह क़ुर्बानी के समय में अपनी क़ुर्बानी कर ले। जबकि इमाम शाफेई और उनके साथियों का कहना है किः वह मक्रूह तन्ज़ीही है, हराम नहीं है...” शर्ह मुस्लिम से अंत हुआ।

यह हुक्म हर उस व्यक्ति के बारे में सामान्य है जो क़ुर्बानी करना चाहता है, चाहे वह पुरुष हो या महिला।

शैख इब्ने बाज़ रहिमहुल्लाह से पूछा गया : उस महिला के लिए जो अपनी और अपने घर वालों की ओर से या अपने माता-पिता की तरफ से क़ुर्बानी करना चाहती है, उसके बालों के संबंध में किस चीज़ की अनुमति है जब ज़ुल-हिज्जा के दस दिन शुरू हो जाएंॽ

तो उन्हों ने जवाब दिया : “उसके लिए अपने बाल को खोलना और उसे धोना जायज़ है, लेकिन वह उसे कंघी नहीं करेगी। तथा उसके खोलने और धोने के समय अगर कुछ बाल गिर जाते हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”

“फतावा शैख इब्ने बाज़” (18/47)।

जो व्यक्ति क़ुर्बानी करना चाहता है उसे किसी दूसरी चीज़ जैसे कि (नियमित) कपड़े पहनने या सुगंध लगाने या संभोग करने से नहीं रोका जाएगा।

तथा प्रश्न संख्या (70290) का भी उत्तर देखें।

और अल्लाह तआला ही सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखता है।

संदर्भ

बलिदान (क़ुर्बानी)

स्रोत

साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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